स्टेप 1: Register/Login करें
आधिकारिक पोर्टल (registrationandtouristcare.uk.gov.in) पर जाएं और अपना मोबाइल नंबर डालकर नया अकाउंट बनाएं।
ऑनलाइन ई-पास (e-Pass) प्रक्रिया
अगर आप 2026 में केदारनाथ (Kedarnath), बद्रीनाथ (Badrinath), गंगोत्री या यमुनोत्री की पवित्र यात्रा का प्लान कर रहे हैं, तो उत्तराखंड सरकार के Tourist Care Uttarakhand पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से अनिवार्य है। बिना वैध Yatra e-Pass (यात्री ई-पास) के आपको यात्रा मार्ग पर आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
आप ऑनलाइन चार धाम यात्रा रजिस्ट्रेशन 2026 (Online Char Dham Yatra Registration 2026) घर बैठे मुफ्त में कर सकते हैं। इसके अलावा, जो तीर्थयात्री ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कर पा रहे हैं, वे हरिद्वार (Haridwar) और ऋषिकेश (Rishikesh) जैसे प्रमुख स्थानों पर स्थित ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन सेंटर्स (Photometric Registration Centers/Counters) पर जाकर भी अपना यात्रा पास बनवा सकते हैं। हालांकि, भारी भीड़ और लंबी लाइनों से बचने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया (Portal या App के माध्यम से) सबसे सुरक्षित और तेज विकल्प है। आइए नीचे विस्तार से जानते हैं स्टेप-बाय-स्टेप Char Dham Registration Kaise Kare।
आधिकारिक पोर्टल (registrationandtouristcare.uk.gov.in) पर जाएं और अपना मोबाइल नंबर डालकर नया अकाउंट बनाएं।
अपनी यात्रा तिथि, कौन-कौन से धाम (केदारनाथ, बद्रीनाथ आदि) जाना है और कुल यात्रियों की संख्या आदि दर्ज करें।
"Add New Pilgrim" पर क्लिक करें और प्रत्येक यात्री का आधार कार्ड, नाम और अन्य जानकारी भरें।
रजिस्ट्रेशन पूरा होने पर आपके मोबाइल पर SMS आएगा। अपना यात्रा रजिस्ट्रेशन लेटर (Yatra e-Pass QR) डाउनलोड करें।
उत्तराखंड पहुंचने पर, धाम के रास्ते में बैरियर पर अपना QR कोड या SMS दिखाकर सत्यापन कराएं।
ऑनलाइन को प्राथमिकता दें। यदि नहीं कर पाए हैं, तो इन स्थानों पर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं:
पंजीकरण की लंबी कतारों से बचने के लिए यात्रा से पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (Yatra e pass) जरूर करें।
अगर आपको "चार धाम रजिस्ट्रेशन कैसे करें" को लेकर कोई भी तकनीकी दिक्कत आती है, तो आप इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
Toll-Free Numbers: 1364 | 0135-3520100 | 0135-2559898 | 0135-2552627
FAQs
हाँ, उत्तराखंड सरकार के निर्देशों के अनुसार, चार धाम यात्रा के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन (ई-पास) पूरी तरह से अनिवार्य है।
आधिकारिक वेबसाइट (registrationandtouristcare.uk.gov.in) पर चार धाम रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से मुफ्त है। इसकी कोई शुल्क या फीस नहीं है।
आपको एक वैध फोन नंबर (OTP के लिए) और आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, या पासपोर्ट में से किसी एक पहचान पत्र की आवश्यकता होती है।
नहीं। रास्ते में विभिन्न चेकिंग पॉइंट्स (सोनप्रयाग, गौरीकुंड आदि) पर आपका यात्रा ई-पास (Yatra QR Letter) चेक किया जाता है।
Photometric रजिस्ट्रेशन ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन का दूसरा नाम है, जिसमें यात्री की फोटो और उंगलियों के निशान लिए जाते हैं। यह हरिद्वार, ऋषिकेश, और यात्रा मार्ग के प्रमुख स्थानों पर होता है।
नहीं। आपको रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर टूर प्लान बनाते समय सभी धामों का चयन एक ही बार में करना होता है। एक ही यात्रा पास (e-Pass) सभी धामों के लिए मान्य होता है।
पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद, "Manage Pilgrims" सेक्शन में जाकर आप अपना Yatra Registration Letter (PDF) डाउनलोड कर सकते हैं।
रजिस्ट्रेशन स्लिप जेनरेट होने के बाद तारीख बदलना मुश्किल हो सकता है। आपको आधिकारिक टोल-फ्री नंबर 1364 पर संपर्क करना चाहिए या अपनी यात्रा को रद्द (Cancel) करके नया रजिस्ट्रेशन करना होगा।
Google Play Store से "Tourist Care Uttarakhand" ऐप डाउनलोड करें, मोबाइल नंबर से लॉगिन करें और "Create Tour" पर क्लिक करके अपनी यात्रा का विवरण भरें।
हाँ! IRCTC की आधिकारिक हेलीकॉप्टर बुकिंग वेबसाइट पर टिकट बुक करने के लिए भी आपका चार धाम रजिस्ट्रेशन (Group ID/Tourist ID) अनिवार्य है।
आप अपने व्हाट्सएप से नंबर 8394833833 पर "Yatra" लिखकर मैसेज भेज सकते हैं। इसके बाद ऑटोमेटेड सिस्टम आपसे जानकारी मांगेगा जिसे फॉलो करके रजिस्ट्रेशन हो जाएगा।
वैसे तो अनिवार्य नहीं है, लेकिन 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को केदारनाथ और यमुनोत्री ट्रैक के लिए मेडिकल जांच कराने और फिट होने की सख्त सलाह दी जाती है।
हाँ, पोर्टल पर "Add Pilgrim" ऑप्शन का इस्तेमाल करके आप एक ही Tour Plan (Group) के अंदर कई यात्रियों (Family/Friends) की जानकारी जोड़ सकते हैं।
यात्री रजिस्ट्रेशन व्यक्तियों (Pilgrims) के लिए होता है, जबकि "ग्रीन कार्ड" या "Trip Card" उन वाहनों के लिए अनिवार्य होता है जो उत्तराखंड के बाहर से आ रहे हैं या टैक्सी सेवा दे रहे हैं।
हाँ, सुरक्षा कारणों से यात्रा पर जाने वाले सभी उम्र के लोगों का विवरण पोर्टल पर दर्ज होना जरूरी है, भले ही वे छोटे बच्चे हों।